अगर आप आजकल किसी भी फिटनेस मैगजीन को पढ़ते है तो कहीं न कहीं आपको पोस्ट वर्कआउट न्यूट्रिशन के महत्व के बारे में पढ़ने को मिल जाता होगा। हैवी वर्कआउट या व्यायाम करने के बाद हमारे शरीर को ऊर्जा की बहुत आवश्यकता होती है उसके लिए वर्कआउट करने के एकदम बाद हल्का फुल्का स्नैक्स (जिसमे खासतौर पर प्रोटीन स्मूथीज,शेक  या प्रोटीन बार ) जरूर  लेना चाहिए। पोस्ट वर्क आऊट डाइट हमेशा उच्च गुणवता के प्रोटीन, कॉम्प्लेक्स कार्ब्स , फैटी एसिडस , मल्टी मिनरल्स और मल्टीविटामिन्स पर आधारित होती है।

पोस्ट वर्कआउट स्नैक्स लेने का क्या उद्देश्य  होता है ?

ज्यादातर ट्रेनर्स और न्यूट्रिशनिस्ट यही बताते है की पोस्ट वर्कआउट स्नैक्स लेने का मतलब है की कार्ब्स और प्रोटीन का कॉम्बिनेशन लेना। इस तरह का भोजन 2 तरह के काम करता है –

  1. शरीर के ऊर्जा की पूर्ती करना
  2. मांसपेशियों की मरम्मत और निर्माण करना

पोस्ट वर्कआउट स्नैक्सजरूरत कब और कब नहीं

आपको व्यायाम करने के हर मिनट के बाद कुछ खाने की जरूरत नहीं । अगर आपने 30 मिनट तक वेट लिफ्टिंग की है वो भी विराम लेकर तो आप अगर कुछ नहीं भी खाते है तो कोई फर्क नहीं पड़ता या आप अगले भोजन तक रुक सकते है। लेकिन अगर अपने जोरदार रनिंग, बाइकिंग या ऐसी एक्सरसाइज की है जिससे दिल की गति बढ़ी हो या कुछ भी हैवी वर्कआउट किया है तो आपको कुछ न कुछ खाने की जरूरत है। इसलिए अपने जिम बैग में प्रोटीन शेक,चॉकलेट मिल्क या फिर प्रोटीन बार्स जरूर रखे,जिन्हे हैवी वर्कआउट के 30 मिनट बाद ले लिया करें। कठिन एक्सरसाइज़ करने के बाद शरीर को रिकवर करने के लिए उचित मात्रा में पौष्टिक भोजन ग्रहण करना बहुत ज़रूरी होता है। वर्कआउट के तुरंत बाद थोड़ा कार्बोहाइड्रेट व थोड़ा प्रोटीन लेना बेहद फ़ायदेमंद होता है। अगर आप मसल्स बनाना चाहते हैं तो वर्कआइट ख़त्म होने के 15 मिनट के अंदर ही 20-25 ग्राम प्रोटीन और 30 से 35 ग्राम कार्बोहाइड्रेट ग्रहण करें। यदि आप वज़न घटाना चाहते हैं तो थोड़ी देर बाद खाएं, लेकिन एक्सरसाइज़ व खाने के बीच का अंतर 45 मिनट से 1 घंटे से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।

वर्कआउट के बाद इन्सुलिन लेवल की पूर्ती जरुरी

इन्सुलिन वर्कआउट के बाद मांसपेशियों की मरम्मत में बहुत मदद करता है। ग़ौरतलब है कि इन्सुलिन ग्लूकोज़ को एब्जॉर्ब करने व ऊर्जा प्राप्त करने में मांसपेशियों की मदद करता है। एक्सरसाइज के बाद मसल सेल्स बहुत सेंसिटिव होते हैं। इन्सुलिन लेवल वर्कआउट के २ घंटे बाद तीन गुना तेज होता है और इस अवधि के बाद हमारे मसल्स इन्सुलिन के प्रति कम क्रियाशील हो जाते हैं। पोस्ट वर्कआउट स्नैक्स इन्सुलिन लेवल को बनाये रखने में मदद करते हैं। ख़ास तौर पर वे प्रोटीन। वे प्रोटीन का सेवन करने से शरीर में इन्सुलिन के निर्माण की गति बढ़ती है। इसे आप दूध या फिर पानी के साथ ले सकते हैं। वे प्रोटीन शरीर को आवश्यक अमिनो एसिड्स भी प्रदान करता है। यदि आप प्रोटीन शेक पी-पीकर ऊब चुके हैं तो टेस्टी चॉकलेट मिल्क शेक ट्राई कीजिए। इसमें मांसपेशियों की रिकवरी के लिए सभी ज़रूरी प्रोटीन्स, कैल्शियम, सोडियम व कार्बोहाइड्रेट्स मौजूद होते हैं, जो वर्कआउट के बाद थकी हुई मांसपेशियों को ऊर्जा प्रदान करने के साथ-साथ ग्लाइकोजेन लेवल बढ़ाने में भी मदद करते हैं।



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